बलिया, अप्रैल 23 -- बलिया, संवाददाता। कृषि विशेषज्ञों ने विश्व कृषि दिवस पर मंगलवार को भूमि की उर्वरता बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण के लिए किसानों को संकल्प दिलाया। वहीं जैविक खेती के साथ ही बागवानी करने की सलाह दी गई। किसानों को बताया गया कि वह ऐसा करने से उनकी आमदनी बढ़ने के साथ ही पर्यावरण संरक्षण को बल मिलेगा। विश्व पृथ्वी दिवस पर कई जगह कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। इस दौरान आयोजित परिचर्चा में कृषि विज्ञान केंद्र सोहांव के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ संजीत कुमार ने बताया किसान रबी की फसलों की कटाई के बाद खेतों की उर्वरा शक्ति बढ़ाने के लिए खेतों में हरी खाद उगाने की सलाह दिया। बताया कि किसान 40-45 किलो की दर से प्रति बीघे में ढेंचा की बुआई करें, जरूरत के हिसाब से 15 से 20 दिन में हल्की सिंचाई कर दें। बुआई के 40 से 50 दिन के बाद हरी खा...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.