नई दिल्ली, फरवरी 19 -- बॉम्बे हाईकोर्ट ने भूमि अधिग्रहण मामलों से निपटने में 'बड़े पैमाने पर व्यवस्थागत खामी' की वजह से भू-स्वामियों के मुआवजे से वंचित रहने को लेकर महाराष्ट्र सरकार को कड़ी फटकार लगाई है और उसे इन मामलों का समाधान करने के लिए 'मिशन-मोड' अपनाने का निर्देश दिया। हाईकोर्ट की औरंगाबाद पीठ ने मंगलवार को कहा कि स्वामित्व प्राप्त करने और परियोजना पूरी होने के बाद भी अधिग्रहण की कार्यवाही पूरी करने में विफल रहना एक निरंतर गलत कार्य और संवैधानिक कर्तव्य के उल्लंघन के समान है। अदालत ने यह टिप्पणी बीड जिले के कुछ निवासियों द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान की। याचिकाकर्ताओं की जमीनों को 1996 में सिंचाई विभाग द्वारा एक गांव में पानी की टंकी के निर्माण के लिए अधिग्रहित किया गया था, लेकिन अधिग्रहण की कार्यवाही अब तक पूरी नहीं हुई, ...