लखनऊ, जनवरी 28 -- लखनऊ। द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) की ओर से बुधवार को 'भूजल स्तर में गिरावट का प्रभाव-एक भयावह भविष्य हमारी प्रतीक्षा कर रहा है' पर आयोजित व्याख्यान में भूजल संरक्षण और इसके संयमित उपयोग पर जोर दिया गया। कहा गया कि अभी न चेते तो भविष्य में पछताने के सिवाय कुछ नहीं बचेगा। इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स भवन, आईईआई, रिवर बैंक कॉलोनी में आयोजित तकनीकी व्याख्यान में प्रो. (डॉ.) आरसी श्रीवास्तव, पूर्व कुलपति, डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा, समस्तीपुर (बिहार) मुख्य वक्ता रहे। वक्ताओं ने गिरते भूजल स्तर, उसके कृषि, पेयजल, पर्यावरण और मानव जीवन पर पड़ने वाले गंभीर दुष्प्रभावों पर प्रकाश डाला। भविष्य में उत्पन्न होने वाले जलसंकट से बचने के लिए भूजल संरक्षण, पानी के विवेकपूर्ण उपयोग और सतत इंजीनियरिंग स...