सहारनपुर, सितम्बर 8 -- अमृत 2.0 के अंतर्गत 'शैलो एक्वीफर मैनेजमेंट (उथले जलभृत प्रबंधन) विषय पर नगर निगम में आयोजित कार्यशाला में विशेषज्ञों और अधिकारियों ने गिरते भूजल स्तर पर गहरी चिंता जताई और इसके संरक्षण हेतु समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यशाला का आयोजन राष्ट्रीय शहरी कार्य संस्थान (एनआईयूए) और पीपुल्स साइंस इंस्टीट्यूट, देहरादून के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। मुख्य अतिथि डॉ. अजय कुमार ने वर्षा जल संचयन और तालाबों के पुनरोद्धार की महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि पारंपरिक जल स्रोतों को पुनर्जीवित करके भूजल स्तर को स्थिर किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि नगर निगम व आईटीसी के सहयोग से कई तालाबों का पुनरोद्धार किया गया है। महापौर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अभियान 'एक पेड़ मां के नाम का उल्लेख करते हुए वृक्षारोपण को...
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