नोएडा, दिसम्बर 19 -- नोएडा। सेक्टर-19 स्थित शनि मैदान में भारत विकास परिषद तत्वावधान में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन हो रहा है। कथा व्यास भागवत रत्न आचार्य मृदुल कृष्ण गोस्वामी महाराज ने तीसरे दिन शुक्रवार को भीष्म पितामह प्रसंग, परीक्षित जन्म कथा, परीक्षित श्राप और ध्रुव चरित्र का भावपूर्ण वर्णन किया। भीष्म पितामह प्रसंग सुनकर लोग भावविभोर हो गए। महाराज ने तृष्णा विषय पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि तृष्णा तीन प्रकार की होती है। प्रथम लोकेषणा, द्वितीय, पुत्रेषणा और तृतीय वित्तेषणा। लोकेषणा में व्यक्ति सदैव अपनी जय-जयकार की कामना करता है। पुत्रेषणा में संतान, विशेषकर पुत्र प्राप्ति की इच्छा होती है। वित्तेषणा में व्यक्ति निरंतर धन की कामना करता रहता है। महाराज ने बताया कि बुद्धि अर्थात मति के भी चार प्रकार होते हैं। मति, सुमति, महामति ...