ललितपुर, दिसम्बर 30 -- ललितपुर। जबरदस्त सर्दी के बीच कोहरे और पाले की मार ने दिहाड़ी मजदूरों के समक्ष अब रोजी रोटी का संकट खड़ा कर दिया है। मौसमी बदलाव की वजह से निर्माण कार्यों की रफ्तर बेहद ठंडी पड़ गयी और ऐसे में मजदूरी के सहारे परिवार का पेट पालने वाले श्रमिकों और उनके परिजनों को पेट की आग बुझाने में वह कर्ज के बोझ तले दबे जा रहे हैं। दरअसल, बुंदेलखंड स्थित ललितपुर जनपद का प्रमुख पेशा कृषि है। बड़ी संख्या में यहां गरीब रहते हैं। जो बुआई, कटाई के समय खेतों में पसीना बहाकर अपना और अपने परिवार का पेट पालते हैं। खेतों में काम समाप्त होने के बाद यह लोग जनपद से नजदीक मध्य प्रदेश के बड़े शहरों भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, सागर, मुंबई, दिल्ली आदि जगह यह लोग समूह बनाकर जाते और मजदूरी करते हैं। वहीं तमाम श्रमिक जनपद में ही संचालित निर्माण कार्य के बीच अप...