जहानाबाद, जनवरी 9 -- दुधारू पशुओं के दुग्ध उत्पादन भी हो रहा प्रभावित बीमार पशुओं के इलाज के प्रत्येक प्रखंड के दो गांवों में लगाया जा रहा कैंप अरवल, निज संवाददाता। सोन की धरती अरवल जिले में खेती के साथ किसानों के पशुपालन मुख्य है। लगातार कड़ाके के ठंड के कारण पशु की दुग्ध उत्पादन क्षमता को तापक्रम काफी प्रभावित करता है। पशुपालन विभाग के जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ अमित कुमार ने बताया कि अधिक ठंड के कारण पशु तनाव में चला जाता है जिसके कारण दूध कम देने लगती है। उन्होंने बताया कि सभी प्रखंड में पशु इलाज के लिए वाहन टीम जा रहा है एवं प्रत्येक प्रखंड के दो गांव में कैंप लगाकर पशुपालन पशु को इलाज करते हुए पशुपालक को उचित सलाह दी जा रही है। पशुओं को सर्दी से बचाव के लिए उनके खान पान तथा रहन-सहन, आदि पर ध्यान देना आवश्यक है। पशुपालक को ठंड के दौरान...