गोपालगंज, जनवरी 8 -- गोपालगंज, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। गुरुवार की सुबह के पांच बज रहे थे। पोस्ट ऑफिस चौक के पास कई सफाईकर्मी फटे स्वेटर या पतले शॉल में कांपते हुए कूड़े की ढेरियां समेट रहे थे। किसी के हाथों में दस्ताने नहीं थे, तो किसी के पैरों में साधारण चप्पल। ठंड इतनी तीखी थी कि झाड़ू पकड़ना भी भारी पड़ रहा था। इसके बावजूद शहर को चमकाने के लिए वे लगातार झाड़ू चला रहे थे। घड़ी में सुबह के चार बजते ही शहर की सड़कों पर हल्की-हल्की रोशनी फैलने लगती है। धुंध की मोटी चादर में लिपटी सड़कें और 8-9 डिग्री तक गिरा पारा। इसी ठिठुरन में, जब आम लोग रजाइयों में दुबके रहते हैं, नगर परिषद के सफाईकर्मी अपने-अपने झाड़ू, बेलचा और ठेला लेकर काम पर निकल पड़ते हैं। सुन्न हाथ, सुर्ख कान और सांसों से निकलती भाप-यह नजारा शहर में हर सुबह देखने को मिलता है। थाना ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.