कटिहार, दिसम्बर 31 -- कटिहार, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि कटिहार जिले में जारी भीषण ठंड और शीतलहर ने आलू किसानों की नींद उड़ा दी है। न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट, सुबह-शाम घना कोहरा और बर्फीली हवाओं के बीच पाला गिरने की आशंका किसानों को डराने लगी है। खेतों में लहलहाती आलू की फसल इस समय बेहद नाजुक दौर से गुजर रही है। जिले में इस वर्ष लगभग 18 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में आलू की खेती की गई है, जिस पर अब मौसम का सीधा खतरा मंडरा रहा है। केले की खेती के बाद नकदी फसल के रुप में किसानों ने आलू को अपनाया बीते कुछ वर्षों में केले की खेती में बढ़ती लागत, रोग और बाजार की अनिश्चितता से परेशान होकर बड़ी संख्या में किसानों ने आलू को नकदी फसल के रूप में अपनाया। किसानों को उम्मीद थी कि आलू बेहतर आमदनी देगा, लेकिन कड़ाके की ठंड ने उनकी उम्मीदों पर संकट खड़ा कर दिया ...
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