संभल, सितम्बर 2 -- बरसात के मौसम में आमतौर पर सब्जियों के दाम आसमान छूने लगते हैं, लेकिन इस बार सब्जियों के राजा 'आलू' की किस्मत ने साथ नहीं दिया। बारिश के बावजूद इस वर्ष आलू के दामों में वह तेजी देखने को नहीं मिल रही है, जिसकी उम्मीद किसान और व्यापारी हर साल करते हैं। यही वजह है कि जनपद के 70 कोल्ड स्टोरेज में रखे आलू का केवल 38 फीसदी ही अब तक निकाला गया है। शेष 3 लाख 5660 मिट्रिक टन आलू अब भी भंडारित पड़ा है और कीमत बढ़ने का इंतजार कर रहा है। किसानों और व्यापारियों को उम्मीद थी कि बारिश में हरी सब्जियों की आपूर्ति घटने से मांग बढ़ेगी और आलू के दाम ऊपर जाएंगे, लेकिन बाजार की सुस्ती ने सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। अब किसान भी चिंतित हैं कि यदि निकासी समय पर नहीं हुई, तो भंडारित आलू खराब होने का खतरा बढ़ सकता है।
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