शाहजहांपुर, फरवरी 6 -- शाहजहांपुर, संवाददाता। स्वामी शुकदेवानंद महाविद्यालय के वाणिज्य विभाग में चल रहे प्रबंधकीय विकास कार्यक्रम के तीसरे दिन नेतृत्व क्षमता और भावनात्मक समझ के महत्व पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी माहौल में सफल नेतृत्व के लिए केवल बौद्धिक क्षमता पर्याप्त नहीं है, बल्कि भावनाओं को समझने और नियंत्रित करने की क्षमता भी उतनी ही जरूरी है। कार्यक्रम में "भावनात्मक बुद्धिमत्ता और नेतृत्व" विषय पर सन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी के निदेशक डॉ. अनुराग अग्रवाल ने कहा कि एक प्रभावी नेता वही होता है, जो स्वयं की भावनाओं को समझने के साथ-साथ दूसरों की भावनाओं के प्रति संवेदनशील हो। डॉ. अग्रवाल ने आत्म-नियंत्रण को नेतृत्व की मूलभूत आवश्यकता बताते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों में शांत रहकर ...