टिहरी, दिसम्बर 10 -- प्रभागीय वनाधिकारी टिहरी पुनीत तोमर ने कहा कि भालू और गुलदार संभावित संवेदनशील स्थलों पर विभागीय टीम बीते 15 सितंबर से पेट्रोलिंग कर रही है। इसके लिए ग्राम प्रधानों सहित वन पंचायतों के साथ मिलकर जन जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। कहा कि गर्मी के सीजन में लगातार बारिश और वर्तमान में सर्दी के सीजन में बर्फबारी न होने से भालू के रहन-सहन की प्रकृति में भी बदलाव आया है। दिसंबर और जनवरी माह में मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं ज्यादा होती हैं, जिसके लिए जागरूकता जरूरी है। बुधवार को नई टिहरी में पत्रकार वार्ता करते हुए डीएफओ पुनीत तोमर ने बताया कि इस बार मौसम चक्र में परिवर्तन के कारण भालू की हाइबरनेशन (शीतनिद्रा) में भी परिवर्तन आया है। कहा कि यह शोध का विषय है। बावजूद इसके वन विभाग लगातार वन्य जीवों से संघर्ष न हो इसके लिए ज...
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