ललितपुर, जनवरी 2 -- पिछले पंद्रह वर्षों से मुआवजा के लिए भटक रहे ग्राम भारौनी के ग्रामीणों की समस्या सुलझने की उम्मीद अब जाग गयी है। शुक्रवार को डीएम ने इस मामले की पत्रावली तलब कर सिंचाई विभाग अफसरों से चर्चा की और शिकायतकर्ताओं को मुआवजा के लिए निर्धारित धनराशि से अवगत कराते हुए उनकी सहमति जाननी चाही। दरअसल, कचनौंदा बांध में ग्राम भारौनी की जमीन अधिग्रहीत की गई थी। भूमि अधिग्रहण के बाद बांध का निर्माण हुआ और उसमें जल भंडारण की प्रक्रिया हुई। बांध में पानी भरने के चलते भारौनी की आबादी भी प्रभावित होने लगी। कई ग्रामीणों के घरों में पानी प्रवेश करने से उनकी मुश्किलें बढ़ गयीं। इसके बाद वह लगातार 15 वर्षों से घरों का मुआवाज मांगते चले आ रहे हैं। लेकिन, उनकी किसी ने एक नहीं सुनी। जिलाधिकारी ने इस समस्या को बेहद गम्भीरता से लिया और शुक्रवार को...