नई दिल्ली, जुलाई 17 -- भारत और चीन के बीच बीते दिनों संबंधों में तनाव कम करने को लेकर सहमति बनी है। हाल ही में भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर की चीन यात्रा के दौरान ड्रैगन ने दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा है कि वह भारत के साथ मिलकर काम करने को तैयार है। इसके बाद पूरी दुनिया की निगाहें एशिया की इन दोनों बड़ी ताकतों की साझेदारी पर टिक गई हैं। अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकारों का कहना है कि भारत-चीन संबंधों में आए नए बदलाव दुनिया में हो रहे राजनीतिक और आर्थिक परिवर्तनों से प्रभावित हैं। विदेश मंत्री एस. जयशंकर की शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक में हिस्सा लेने के लिए बीजिंग पहुंचे थे। यह 2020 में गलवान में हुई हिंसा के बाद जयशंकर का पहला चीन दौरा था। इस यात्रा को दोनों देशों के बीच चले आ रहे तनाव के बाद नए सिरे से जुड़...
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