रांची, जनवरी 19 -- रांची, संवाददाता। भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच लगभग दो दशकों से लंबित मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) अब अपने अंतिम चरण में पहुंचता नजर आ रहा है। इस संभावित समझौते को झारखंड के निर्यातकों के लिए एक बड़े अवसर के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय उत्पादों की पैठ बढ़ेगी और उन क्षेत्रों को विशेष मजबूती मिलेगी, जो अब तक उच्च आयात शुल्क (ड्यूटी) के कारण यूरोपीय बाजारों में पिछड़ रहे थे। झारखंड के निर्यातकों के अनुसार, राज्य के कई उत्पाद उच्च गुणवत्ता के बावजूद प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में महंगे होने के कारण पिछड़ जाते थे, लेकिन शुल्क कम होने से इनकी स्थिति बेहतर होगी। इससे राज्य के खनिज आधारित उत्पादों, फूड प्रोसेसिंग, हैंडीक्राफ्ट और टेक्सटाइल सेक्टर को सीधा लाभ मिलने क...
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