नई दिल्ली, फरवरी 18 -- नई दिल्ली। इंटरनेशनल काउंसिल ऑन क्लीन ट्रांसपोर्टेशन (आईसीसीटी) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2050 तक भारत सड़क परिवहन से होने वाले कार्बन उत्सर्जन को 50% तक कम कर सकता है। हालांकि, इसके लिए इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) लक्ष्यों को पूरा करना अनिवार्य होगा। यह निष्कर्ष विजन-2050 नामक वैश्विक अध्ययन में सामने आया है। रिपोर्ट बताती है कि भारत में बिकने वाले करीब 80 प्रतिशत इलेक्ट्रिक वाहन घरेलू स्तर पर ही बनाए जा रहे हैं। इससे प्रदूषण कम करने के साथ-साथ ईंधन आयात पर निर्भरता घटेगी और 2070 के नेट-जीरो लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी। रिपोर्ट से जुड़े वरिष्ठ शोधकर्ता अरिजीत सेन ने कहा कि मजबूत घरेलू ईवी निर्माण क्षमता के कारण भारत तेजी से स्वच्छ परिवहन की ओर बढ़ सकता है।

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