नई दिल्ली, जुलाई 31 -- सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि पहले यह तय किया जाएगा कि भारत में रहने वाले रोहिंग्या 'शरणार्थी हैं या फिर अवैध घुसपैठिए। शीर्ष अदालत ने कहा कि हम यह भी देखेंगे कि यहां रह रहे रोहिंग्या यदि शरणार्थी हैं तो उन्हें क्या अधिकार है और यदि घुसपैठिए हैं तो क्या अनिश्चित काल तक हिरासत में रखा जा सकता है या जमानत पर रिहा किया जा सकता है? जस्टिस सूर्यकांत, दीपांकर दत्ता और एन.के. सिंह की पीठ ने कहा कि एक बार यह तय हो जाने के बाद, मामले में जुड़े अन्य मुद्दे महत्वपूर्ण हो सकते हैं। पीठ ने देश में रोहिंग्याओं से संबंधित 22 याचिकाओं पर विचार करते हुए यह टिप्पणी की है। जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि सबसे बड़ा मुद्दा यह है कि क्या वे (रोहिंग्या) शरणार्थी हैं या अवैध रूप से घुसपैठिए? उन्होंने कहा कि क्या रोहिंग्या शरणार्थी घोषित कि...
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