नई दिल्ली, मई 26 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। देश में अब छह किलोमीटर तक के दायरे के भीतर मौसम का पूर्वानुमान जारी करना संभव हो सकेगा। इसके अलावा चरम मौसमी घटनाओं की भी पहले से ज्यादा सटीक भविष्यवाणी होगी। इसके लिए पहली बार देश में निर्मित भारत पूर्वानुमान मॉडल का इस्तेमाल किया जाएगा। केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह ने विज्ञान भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में इसे मौसम विभाग को सौंपा है। इस मॉडल को इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रॉपिकल मेट्रोलॉजी (आईआईटीएम) पुणे ने विकसित किया है। 2022 से मौसम विभाग परीक्षण के तौर पर इसका इस्तेमाल कर रहा था, जिसमें यह पूरी तरह से खरा उतरा है। अब इसे मौसम विभाग को स्थाई इस्तेमाल के लिए सौंप दिया गया है। मौसम विभाग के पास अभी तक जो फोरकास्ट सिस्टम थे, वे 12 किमी के दायरे में पूर्वानुमान कर सकते थे...
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