महाराजगंज, मई 7 -- महराजगंज, हिन्दुस्तान टीम। पहलगाम में 26 पयर्टकों की हत्या के बाद युद्ध जैसे बनते हालात में 1971 के बाद इंडो-नेपाल से जुड़े गोरक्षभूमि में आपातकालीन स्थितियों में नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की प्रभावी तैयारी के आंकलन के लिए आज राष्ट्रव्यापी मॉकड्रिल होगी। केन्द्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर जिला प्रशासन व पुलिस महकमा मॉकड्रिल के लिए बैठक कर रणनीति बनाई। मॉकड्रिल के फरमान से 44 साल पहले जिले में हुई ब्लैक आउट की घटनाएं ताजा हो गई हैं। बुजुर्गों के सामने इतिहास खुद को फिर से दुहराएगा। नौतनवा तहसील क्षेत्र के सोंधी गांव निवासी डॉ. ओमप्रकाश चौधरी बताते हैं कि वर्ष 1991 में भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान ब्लैक आउट की घटना अभी भी उनके जेहन में है। तब महराजगंज गोरखपुर जिले का हिस्सा था। अचानक सायरन बजने लगा। उसके बाद ब...
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