नई दिल्ली, सितम्बर 3 -- रूस से तेल आयात करने पर भारत पर नाराज अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 50 फीसदी टैरिफ लगाया है, जिसका उनके देश में ही विरोध हो रहा है। तमाम एक्सपर्ट्स ट्रंप द्वारा भारत पर भयंकर टैरिफ लगाए जाने के खिलाफ हैं। एक एक्सपर्ट ने तो ट्रंप को भारत से माफी मांगने और जीरो टैरिफ करने की सलाह दी है। न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी के सहायक प्रोफेसर एडवर्ड प्राइस ने कहा है कि 21वीं सदी को आकार देने में भारत का निर्णायक वोट है। ट्रंप के फैसले पर और अधिक आश्चर्य व्यक्त करते हुए भारत के साथ अमेरिका के संबंधों को महत्वपूर्ण बताया। प्राइस ने 'एएनआई' से कहा, "मैं भारत और अमेरिका के बीच साझेदारी को 21वीं सदी की सबसे महत्वपूर्ण साझेदारी मानता हूं। यह साझेदारी तय करेगी कि चीन और रूस के बीच क्या होता है। 21वीं सदी में भारत के पास निर्णायक वोट ह...
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