नई दिल्ली, दिसम्बर 11 -- नैरोबी में चल रही संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण सभा (यूएनईए-7) में भारत ने कहा कि विश्व स्तर पर पर्यावरण के समाधान जन-केंद्रित होने चाहिए और इनमें न्याय का सिद्धांत सबसे ऊपर होना चाहिए। विकासशील देशों को सस्ता वित्त, तकनीक हस्तांतरण और क्षमता निर्माण उपलब्ध कराना जरूरी है। भारत की ओर से केंद्रीय पर्यावरण राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने राष्ट्रीय वक्तव्य देते हुए कहा कि इस सभा का विषय एक लचीले ग्रह के लिए स्थायी समाधानों को आगे बढ़ाना, भारत की उस प्राचीन परंपरा से पूरी तरह मेल खाता है जिसमें प्रकृति के साथ सद्भाव से रहने पर जोर दिया जाता है। भारत समावेशी और जलवायु-सहिष्णु विकास के पथ पर चल रहा है। भारत के प्रस्ताव को समर्थन सिंह ने कहा कि पर्यावरण संबंधी वैश्विक कार्रवाई में न्याय, साझा किंतु भिन्न जिम्मेदारी तथा प्रत...
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