नई दिल्ली, दिसम्बर 16 -- नई दिल्ली। भारत ने लौह एवं इस्पात उद्योग में इस्तेमाल होने वाले कुछ लौह मिश्रधातु पर आयात कोटा लगाने के यूरोपीय संघ के फैसले को लेकर विश्व व्यापार संगठन में परामर्श की मांग की है। विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) में परामर्श प्रक्रिया व्यापार विवाद सुलझाने का शुरुआती कुटनीतिक चरण है। डब्ल्यूटीओ ने बताया कि इन तत्वों के निर्यात में भारत की प्रमुख व्यापारिक रुचि है और वह संरक्षण समझौते के तहत ईयू के साथ परामर्श चाहता है। संरक्षण उपायों के तहत एक निश्चित कोटा से अधिक आयात पर शुल्क लगाए जाने के कारण भारत से ईयू को इन वस्तुओं के निर्यात पर असर पड़ेगा। ये उपाय तीन वर्षों तक लागू रहेंगे।

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