लखनऊ, मई 30 -- लखनऊ, कार्यालय संवाददाता अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान की ओर से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के पूर्व ज्ञान और अनुभव का संगम: योग संगोष्ठी हुई। संस्थान के प्रेक्षागृह में हुई संगोष्ठी में वक्ताओं ने योग के महत्व पर प्रकाश डाला। मुख्य अतिथि भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. मांडवी सिंह ने कहा कि प्राचीन समय में अपनी संस्कृति और समृद्धता के आधार पर भारत विश्व गुरु कहलाता था। भारत को विश्व गुरु बनाने में योग का महत्वपूर्ण स्थान है। हमारे ज्ञान और शिक्षा का आधार योग ही है। योग सीधे-सीधे ज्ञान से जुड़ा था। जब ऋषि परम्परा में ज्ञान दिया जाता था तब उसके साथ विद्यार्थियों एवं शिक्षार्थियों को अनुभव कराया जाता था। आज हम शिक्षा तो दे रहे हैं, उनको उपाधि मिल रही है, इसके साथ-साथ शिक्षा एवं ज्ञान के साथ विद्यार्थियों एवं शिक्...
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