हरिद्वार, अगस्त 25 -- देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पंड्या ने कहा कि भारत अब केवल अपने लिए नहीं, बल्कि पूरे विश्व का मार्गदर्शन करने के लिए तैयार है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब हर भारतीय आत्मबल, नैतिकता और आध्यात्मिकता से परिपूर्ण होगा, तभी सच्चा राष्ट्र जागरण होगा और इसकी किरणें पूरी दुनिया तक पहुंचेंगी। नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित ऐतिहासिक समारोह में बोलते हुए डॉ. पंड्या ने युवाओं को चेताया कि केवल देखने-सुनने तक सीमित रहने का समय खत्म हो चुका है। अब तैयारी के साथ राष्ट्र निर्माण की भूमिका निभानी होगी। उन्होंने कहा कि युग निर्माण आंदोलन के तीन स्तंभ विचार क्रांति, चरित्र निर्माण और व्यसन मुक्ति आज की सबसे बड़ी आवश्यकता हैं।
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