सीवान, जनवरी 14 -- सीवान, हिन्दुस्तान संवाददाता। भारतीय संविधान के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में संविधान दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मौके पर आयोजित संगोष्ठी में अपनी बात रखते हुए डीएवी पीजी कॉलेज के जंतु विज्ञान के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. रविन्द्र नाथ पाठक ने कहा कि एक वोट एक शक्ति एकात्मक मानववाद का प्रतीक है। भारत के संविधान ने देश के प्रत्येक भागों को जोड़ा है। भारत के रूप को समझना संविधान कल्याणकारी मानवता की परंपरा में भारत की नीति आवश्यक है जो हमें संविधान से प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि संविधान हमारे धर्म ग्रंथों से ऊपर है। भारत की ज्ञान परंपरा में विश्व का कल्याण है जो संविधान में उल्लेखित है, जो मानवीय हृदय में संवेदना का संचार करती है। संविधान का भी उत्सव हो सकता है। इस कार्य को संस्कार भारती ने सिद्ध किया ...
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