प्रयागराज, जनवरी 4 -- राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की ओर से रविवार को कई स्थानों पर हिंदू सम्मेलन आयोजित किया गया। शिवाय वाटिका, सैनिक कॉलोनी, धूमनगंज में मुख्य वक्ता डिप्टी सॉलिसिटर जनरल भारत सरकार शिवकुमार पाल ने पंच प्रण और संघ के शताब्दी वर्ष के माध्यम से समाज को जागृत करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने राम मंदिर निर्माण को राष्ट्र की चेतना के पुनर्स्थापन का प्रतीक बताया और कहा कि आज विश्व भारत के नेतृत्व को स्वीकार कर रहा है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय की पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष रिचा सिंह ने कहा कि मातृशक्ति ही संतति और संस्कृति का उद्गम स्थल है तथा उसी के कंधों पर संस्कृति का संरक्षण और संवर्धन होता है। उन्होंने आरएसएस के शताब्दी वर्ष में घोषित पंच प्रण पर भी चर्चा की। आंजनेय ने 'है कथा संग्राम की', अवनीश ने 'भारत की बात सुनाता हूं' व अग्...