अलीगढ़, फरवरी 19 -- अलीगढ़, वरिष्ठ संवाददाता। फिल्म दंगल, सुल्तान और साउथ की चर्चित फिल्म हरी हरा वीरा मल्लू में कुश्ती व खलनायक की भूमिकाओं से पहचान बनाने वाले पहलवान रामेश्वर यादव ने एएमयू में पहलवानी के दांव-पेच सिखाए। 2019 से लगातार भारत केसरी खिताब जीत रहे रामेश्वर ने बुधवार को जिम्नेजियम में दो दर्जन से अधिक खिलाड़ियों के साथ मैट पर उतरकर अभ्यास किया। भारत केसरी ने अपने संघर्षपूर्ण जीवन का अनुभव साझा करते हुए बताया कि तीन वर्ष की आयु में ही माता का निधन हो गया था। आर्थिक तंगी के बीच किसान पिता ने परिवार का पालन-पोषण किया। 18 वर्ष की आयु में उन्होंने दंगलों में उतरकर कुश्ती के माध्यम से अपनी पहचान बनानी शुरू की। गांव के पहलवान महावीर से प्रशिक्षण लेकर उन्होंने लगातार मेहनत की और अंततः भारत केसरी का खिताब अपने नाम किया। उन्होंने कहा क...