प्रयागराज, जनवरी 25 -- गोवर्धन मठ पुरी के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने माघ मेला के शिविर में रविवार को कहा कि सनातन विधा से जो पोषित परंपरा है, उसी का नाम संप्रदाय है। ये श्रीकृष्ण व श्रीराम की धरती है। विश्व की कोई शक्ति भारत की दिव्यता को मिटा नहीं सकती। उन्होंने कहा कि देश, काल, परिस्थिति, दर्शन, विज्ञान, व्यवहार में सामंजस्य साधने वाले साधु संतों पर नेताओं की दाल नहीं गलती। हर व्यक्ति की जीविका जन्म से सुरक्षित है। वर्णाश्रम के प्रति आस्थावान व्यक्तियों की कमी नहीं है। जीवन को दुर्व्यसन मुक्त बनाना चाहिए। सनातन धर्म में फल से किसी को वंचित नहीं किया गया। अज्ञानता दुख का बीज है। माता पिता की सेवा से ही भगवान की पूजा का भी फल प्राप्त होता है। इस दौरान शंकराचार्य के निजी सचिव स्वामी निर्विकल्पानंद सरस्वती, भगवताचार्य विवेक मिश...