दिल्ली, फरवरी 28 -- भारत को दुनिया के एक बड़े बाजार के रूप में देखा जाता है लेकिन ताजा रिपोर्ट दिखा रही हैं कि यह बाजार बहुत बड़ा नहीं है और इसमें विस्तार भी नहीं हो रहा है.जब भी विदेशों के साथ भारत के संबंधों की बात होती है, तो सबसे पहले कहा जाता है कि भारत इतना बड़ा बाजार है कि सबको उसकी जरूरत है.जिस देश में लगभग डेढ़ अरब लोग रहते हैं, उसे एक बड़े बाजार के रूप में देखा जाना कुदरती है.लेकिन ताजा रिपोर्टें दिखाती हैं कि भारत का बाजार जितना बड़ा दिखता है, शायद उतना है नहीं.ये रिपोर्टें कहती हैं कि देश की आर्थिक तरक्की अमीरों तक सीमित हो रही है.इससे आय की असमानता बढ़ रही है और दीर्घकालिक स्थिरता पर सवाल उठ रहे हैं.भारत की विकास दर के सामने यह बड़ी चुनौती होगी.ब्लूम वेंचर्स की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत की आबादी बहुत बड़ी है, लेकिन ...
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