श्रीनगर, मई 16 -- भारत सरकार ने सिंधु जल संधि को स्थगित करने के बाद जम्मू-कश्मीर में चिनाब नदी पर स्थित सलाल और बगलिहार बांधों की मासिक फ्लशिंग शुरू करने की योजना बनाई है। यह निर्णय पहलगाम आतंकी हमले के बाद लिया गया, जिसमें 26 पर्यटकों की मौत हो गई थी। इस कदम को भारत की ओर से पाकिस्तान के खिलाफ एक रणनीतिक जवाब के रूप में देखा जा रहा है। केंद्रीय जल आयोग ने सिफारिश की है कि चिनाब नदी पर बने सलाल (690 मेगावाट) और बगलिहार (900 मेगावाट) बांधों की फ्लशिंग अब हर महीने नियमित रूप से की जाए।क्या है फ्लशिंग और क्यों है जरूरी? फ्लशिंग का मतलब है बांध के जलाशयों में जमा रेत, गाद और मिट्टी को तेज जलधारा के माध्यम से बाहर निकालना। यह गाद जलाशयों की क्षमता को कम करती है और टरबाइनों की कार्यक्षमता घटाती है, जिससे बिजली उत्पादन प्रभावित होता है। नियमित फ...
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