अलीगढ़, सितम्बर 27 -- अलीगढ़, वरिष्ठ संवाददाता। किसान को ईश्वर तो नहीं कहा जा सकता, लेकिन वह ईश्वर से कम भी नहीं है। किसान के कार्य की न कोई आयु सीमा होती है और न ही कोई समय सीमा। वह धरती को चीरकर अन्न उपजाता है और पूरे देश का पेट भरता है। यह बातें मंगलायतन विवि में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने कही। मंगलायतन विश्वविद्यालय के कृषि विभाग के तत्वावधान में "रीसेंट एडवांसेस इन एग्रीकल्चरल साइंसेज" (कृषि विज्ञान में अग्रिम विकास) विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में देशभर से कृषि क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और विद्यार्थियों ने भाग लिया। संगोष्ठी के मुख्य अतिथि केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी रहे। मुख्य अतिथि भागीरथ चौधरी ने कहा कि लाल बहादुर शास्त्री के समय जब ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.