नई दिल्ली, मार्च 18 -- नई दिल्ली, मुख्य संवाददाता। भारतेन्दु नाट्य उत्सव-2025 का खुमार कला प्रेमियों पर देखने को मिल रहा है। दूसरे दिन सामाजिक मुद्दों पर आधारित नाटकों ने दर्शकों को झकझोर कर रख दिया। साहित्य कला परिषद और दिल्ली सरकार की ओर से आयोजित इस प्रतिष्ठित रंगमंचीय उत्सव में सोमवार को जातिवाद, सामाजिक बदलाव और राजनीतिक व्यंग्य जैसे विषयों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। मराठी के सुप्रसिद्ध नाटककार विजय तेंडुलकर द्वारा लिखित नाटक 'कन्यादान का मंचन किया गया। अमूल सागर के निर्देशन में 'ब्लैक पर्ल आर्ट्स समूह ने इसे प्रस्तुत किया। कन्यादान नाटक जातिवाद और सामाजिक आदर्शवाद की पेचीदगियों को उजागर करता है। इसकी कहानी एक प्रगतिशील राजनेता नाथ देवलीकर के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपनी बेटी ज्योति की शादी दलित कवि अरुण अथवले से कराकर सामा...
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