गंगापार, जनवरी 12 -- स्वामी विवेकानंद जी भारतीय संस्कृति के ध्वजवाहक थे। उन्होंने विदेशों में संस्कृति के नैतिक मूल्यों का प्रचार प्रसार किया।शिकागो के धर्म संसद में उनके द्वारा दिया गया उद्बोधन उनकी विद्वता, संभाषण शैली, ज्ञान का परिचायक है। उक्त बातें फूलपुर क्षेत्र के बौड़ई स्थित संस्कार पब्लिक स्कूल में स्वामी विवेकानंद की 163वीं जयंती पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानाचार्य अजय प्रसाद ने कहीं।प्रबंधक राकेश पाण्डेय ने कहा कि स्वामी जी के विचार व लेख दर्शन, ज्ञान से भरपूर है उनपर अनेकों लोगों ने शोध तक किये हैं।ऐसे महामनीषी सदियों में जन्म लेते हैं। हमें उनका अनुकरण करना चाहिये। विद्यालय में कक्षा एक से बारहवीं तक स्वामी जी विषयक निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।

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