नई दिल्ली, मार्च 17 -- अमेरिका से भारतीयों के निर्वासन और हमास का समर्थन करने के आरोप में भारतीय छात्रा का वीजा रद्द होना। आनन-फानन में करियर दांव लगाकर अमेरिका से भागना। इन सारे घटनाक्रमों के बीच ब्रिटेन में भी एक भारतीय इतिहासकार मणिकर्णिका दत्ता का पूरा अकैडमिक करियर दांव पर लग गया है। जिस देश को घर जैसा मानकर वह पिछले एक दशक से ज्यादा से रह रही थीं, अब वहीं की सरकार ने उन्हें देश छोड़ने की धमकी दे दी है। मणिकर्णिका ऑक्सफर्ड की छात्रा रही हैं और वह भारत में औपनिवेशिक काल को लेकर शोध कर रही हैं। फिलहाल 37 साल की मणिकर्णिका डबलिन कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। उन्हें ब्रिटेन से निर्वासन का सामना करना पड़ रहा है। रिपोर्ट्स की मानें तो ब्रिटेन में 10 साल से ज्यादा वक्त बिताने के आधार पर उन्होहंने अनिश्चितकालीन रहने की इजाजत (ILR) के लिए...
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