बिहारशरीफ, नवम्बर 28 -- भारतीय बौद्धिक परंपराएं आज के समय के लिए समृद्ध और प्रासांगिक : प्रो. गंटी एस मूर्ति वैज्ञानिक अन्वेषण और वैश्विक नैतिक नेतृत्व को दिखाएगी दिशा भारतीय परंपराएं पेश करती हैं समन्वित, संतुलित और सुसंगत दृष्टिकोण फोटो : नालंदा सेमिनार 01 : नालंदा विश्वविद्यालय में शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में शामिल भारतीय ज्ञान प्रणाली प्रभाग के राष्ट्रीय समन्वयक प्रो. गंटी एस मूर्ति व अन्य। बिहारशरीफ, निज संवाददाता। नालंदा विश्वविद्यालय में शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भारतीय बौद्धिक परंपराओं की प्रासंगिकता और उनकी वैश्विक उपयोगिता पर गहन मंथन हुआ। भारतीय ज्ञान प्रणाली प्रभाग के राष्ट्रीय समन्वयक प्रो. गंटी एस मूर्ति ने कहा कि भारतीय बौद्धिक परंपराएं न केवल इतिहास की धरोहर हैं, बल्कि आज के समय में भी पूरे विश्व को स...
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