रांची, फरवरी 4 -- रांची, विशेष संवाददाता। यूजीसी मालवीय मिशन टीचर ट्रेनिंग सेंटर (एमएमटीटीसी), रांची विश्वविद्यालय में संचालित-सामाजिक विज्ञान में अंतर/बहुविषयक रिफ्रेशर कोर्स के तहत बुधवार को एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता शिक्षाविद प्रकाश सहाय ने 'भारतीय जीवनशैली: लाख दुखों की एक दवा (आईकेएस के संदर्भ में)' विषय पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से आए लगभग 60 शिक्षक-प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। अपने संबोधन में प्रो. सहाय ने कहा कि शिक्षा तभी प्रभावी होती है जब उसमें मौलिकता, अनुभव और संवेदना का समावेश हो। उन्होंने आधुनिक रटंत शिक्षा प्रणाली की आलोचना करते हुए तर्क दिया कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल सूचनाएं देना नहीं, बल्कि सीखने की जिज्ञासा और तर्क क्षमता विकसित करना है। रामराज्य की...