नई दिल्ली, जून 26 -- पंजाब के तरनतारन जिले के एक गांव की गौशाला में 15 वर्षों से बंधुआ मजदूर की तरह काम कर रहे उत्तराखंड के एक युवक को पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया के आदेश पर मुक्त कराया गया। यह कार्रवाई भाजपा सांसद अनिल बलूनी के हस्तक्षेप के बाद की गई। बलूनी ने बुधवार को बताया कि युवक को पंजाब के तरनतारन जिले के डिनेवाल गांव की एक गौशाला में पिछले 15 वर्षों से बंधुआ मजदूर की तरह रखा गया था, जहां उसे जबरन काम करने के लिए मजबूर किया गया। गढ़वाल से सांसद और भाजपा प्रवक्ता अनिल बलूनी ने सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के बाद पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से संपर्क किया था। इस वीडियो में एक युवक को कठिन हालात में मवेशियों की देखभाल करते हुए देखा गया था। बलूनी ने कहा, 'पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया क...
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