लखनऊ, दिसम्बर 24 -- समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि अब भाजपा में दो और 'अध्यक्षीय इंजनों' के बीच 'डबल इंजन टकराहट 2.0' का नया वर्जन आ गया है। ये तो होना ही था, क्योंकि 7 बार के, उम्र में भी बड़े सांसद को 5 बार के विधायक के सामने निम्नतर पद देकर एक तरह से अपमानित किया गया है। उन्होंने कहा कि हमें पता है कि भाजपा नए प्रदेश अध्यक्ष को दिल्ली का पद क्यों नहीं मिला और कभी मिलेगा भी नहीं। उनकी खीझ का कारण उचित है, लेकिन जब तक वो स्वयं इस भेदकारी भाजपाई सोच से बाहर नहीं आएंगे न अपना भला कर पाएंगे, न अपने समाज का। अब उनको ठानना होगा कि जब कुर्सी पर बैठ सकते हैं तो स्टूल पर क्यों बैठा जाए। उनका भी भविष्य उन्हीं के जैसा होगा, जिनका इस्तेमाल सत्ता तक पहुंचने के लिए भाजपा ने पहले किया था और जो आज तक प्रतीक्षारत हैं। वर्चस्वव...
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