नई दिल्ली, जनवरी 15 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। भाजपा में नए नेतृत्व के साथ ही चुनावी रणनीति में नया बदलाव भी देखने को मिल सकता है। आने वाले चुनावों में खासकर जहां भाजपा सत्ता में है, वहां चुनावों की घोषणा के बाद ही उम्मीदवारों के नाम तय किए जाएंगे। जिससे भितरघात व नाराजगी को मतदान तक थामा जा सके। अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों खासकर उत्तर प्रदेश में इस रणनीति को विशेष रूप से अमल में लाया जाएगा। भाजपा नेतृत्व विभिन्न स्तरों पर लगातार कई तरह के बदलाव करता रहता है। खासकर चुनावों में वह नए चेहरों और सामाजिक समीकरणों में भी बदलाव करता रहता है ताकि उसके खिलाफ माहौल का असर कम किया जा सके और जीत का माहौल बनाया जा सके। बीच में पार्टी ने एक रणनीति यह भी अपनाई थी कि समय से पहले उम्मीदवार घोषित कर दिए जाएं, ताकि प्रचार-प्रसार का ज्यादा मौका ...
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