नई दिल्ली, नवम्बर 20 -- बिहार में भाजपा ने पिछली बार के ही समाजिक समीकरणों को नई सरकार में आगे बढ़ाया है। भाजपा ने सहयोगी दलों के साथ सरकार में सभी समुदायों को बरकरार रखा है और विरोधियों को कोई मौका नहीं दिया है। साथ ही सम्राट चौधरी को फिर से उपमुख्यमंत्री बनाकर साफ कर दिया कि पार्टी में दूसरे दलों से आए नेताओं का अब कोई मुद्दा नहीं रहा है। पार्टी अपनी भावी राजनीति की जरूरत के अनुसार ही आगे बढ़ेगी। भाजपा लगातार विकास के मुद्दे खासकर लोगों को आर्थिक लाभ से जोड़ने के लिए जो मुहिम चला रही है, उससे कई जगह सामाजिक समीकरण कमजोर पड़े हैं। इससे जातीय दबाब कम हुआ है। हालांकि, वह वृहद ओबीसी और अति पिछड़ा वर्ग (ईबीसी) को साधने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही है। बिहार में नई सरकार के गठन में भी यह साफ दिखा। पार्टी ने पिछली सरकार की तुलना में कुछ चेहरे...
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