बरेली, दिसम्बर 22 -- फतेहगंज पश्चिमी। करीब एक दशक पहले भाजपाइयों पर दर्ज हुआ दंगा भड़काने का मुकदमा एक बार फिर मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कोर्ट की कार्यवाही पर विराम लगाने की मांग की गई है। 14 जनवरी 2015 को कस्बा के एक मंदिर के पास गोवंश के अवशेष मिलने पर हालात बेकाबू होने से बचे थे। इस मामले में भाजपा नेताओं पर दंगा भड़काने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। कई को पुलिस ने गिरफ्तारी करके जेल भेज दिया था। इस मामले में पुलिस ने 60 लोगों के खिलाफ दो मुकदमे दर्ज किए थे। कई लोग जमानत पर हैं। इसमें 40 लोग वांछित किए गए थे। भाजपा सरकार बनने पर जनप्रतिनिधियों की सिफारिश पर राज्यपाल ने मुकदमा वापस लेने के लिए विशेष सचिव को निर्देशित किया। हालांकि कोर्ट ने आरोपियों के गैर जमानती वारंट जारी कर दिए थे। जिसके चलते भाजपाई फरार हो गए थे। भाजपा नेता आशीष...