मुरादाबाद, जनवरी 2 -- लाइनपार स्थित में श्री शिव मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन शुक्रवार को हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। कथा व्यास वैष्णवाचार्य धीरशान्त अर्द्धमौनी ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं का आस्वादन करने से समस्त पुण्यों का फल मिल जाता है। कोई भी मनुष्य अपनी माता के पुण्य से सुशील होता है, पिता के पुण्य से चतुर होता है, वंश के पुण्य से उदार होता है और अपने स्वयं के पुण्य होते हैं तभी वह भाग्यवान होता है। अतः सौभाग्य प्राप्ति के लिए सत्कर्म करते रहना आवश्यक है। नामजप करते-करते दर्शन की लगन लग जाय तो दर्शन हो सकते हैं। वास्तव में लगन से दर्शन होते हैं, क्रिया से नहीं। लगन होती है संसार से विमुख मन को प्रभु के साथ जोड़ दो जहां प्रभु जायं, वहां मन जाय और जहां मन जाय, वहां प्रभु साथ रहें। क्षण-क्षण का हिसाब रक्खो।...
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