कन्नौज, फरवरी 22 -- छिबरामऊ, संवाददाता। क्षेत्र के ग्राम खानपुर नगला चौबे गांव में चल रही श्रीमद्भागवत महापुराण की सप्ताहिक कथा का दूसरा दिवस अत्यंत प्रभावशाली रहा। कथावाचक पंडित प्रेमसागरजी महाराज ने व्यास पीठ से राजा परीक्षित की कथा का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि कैसे तक्षक नाग के श्राप से परीक्षित को केवल सात दिनों का जीवन शेष रह गया। इस संकट में राजा ने गंगा तट पर बैठकर मोक्ष प्राप्ति के लिए शुकदेव जी का इंतजार किया। शुकदेवजी के आगमन पर सात दिनों तक चली कथा में उन्होंने परीक्षित को भगवान विष्णु के परम स्वरूप, वैराग्य, ज्ञान और भक्ति का उपदेश दिया। प्रेमसागरजी ने भागवत महापुराण की महिमा बताते हुए कहा कि यह पुराण सृष्टि की रचना, भगवान के अवतारों, उनके दिव्य स्वरूप और मोक्ष के मार्ग को सरलता से समझाता है। यह कथा सुनने मात्र से मनुष्य क...