झांसी, नवम्बर 18 -- भागवत का चार अक्षर जीवन में उतारें झांसी/समथर, संवाददाता समथर में किला अन्दर कामाख्या मां के मन्दिरों परिसर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में सत्यम श्रोत्रिय महाराज ने शुकदेव जन्म, राजा परीक्षित श्राप और अमर कथा सुनाई। उन्होंने भागवत की महिमा का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि शंकर जी ने कहा हमने अमर कथा सुन रखी है।तो पार्वती जी ने कहा मुझे भी वह अमर कथा सुनाइए। भगवान शंकर जी पार्वती जी को अमर कथा सुनाने लगे। उस स्थान पर शिव-पार्वती के अलावा सिर्फ एक तोते का अंडा था। जो कथा के प्रभाव से फूट गया उसमें से सुखदेव जी का प्राकट्य हुए कथा सुनते सुनते पार्वती जी को नींद आ गई वह पूरी कथा श्री सुखदेव जी ने सुनी और सुखदेव जी अमर हो गए। उन्होंने बताया की भागवत कथा विचार,वैराग्य,ज्ञान,और हरि से मिलने का मार्ग है।राजा परीक्षित के कारण प...
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