विकासनगर, जनवरी 9 -- शिशु विद्या मंदिर नेहरू मार्केट में गुरुवार से शुरु हुई भागवत कथा के दूसरे दिन शुक्रवार को कथा व्यास ने भागवत महात्म्य का वर्णन करते हुए कहा कि जो आनंद हमारे भीतर है उसे जीवन में किस प्रकार प्रकट करें यही भागवत शास्त्र सिखाता है। जैसे दूध में मक्खन रहता है, लेकिन दिखता नहीं, मंथन करने पर मिलता है। इसी प्रकार मानव मन को मंथन करके आनंद को प्रकट किया जा सकता है। कथा व्यास डॉ. सुनील पैन्यूली ने कहा कि भागवत कथा सनातन धर्म का सार है। इसमें भगवान श्रीकृष्ण के जीवन चरित्र और उनके उपदेशों का वर्णन है। भागवत कथा सुनने से मन को शांति मिलती है और जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं। उन्होंने कहा कि भागवतशास्त्र का आदर्श दिव्य है। घर में रहकर के भगवान को कैसे प्राप्त किया जा सकता है, इस शास्त्र में सिखाया है। कहा कि भागवत कथा केवल स...