जौनपुर, नवम्बर 6 -- सतहरिया (जौनपुर)। विंध्याचल धाम से आए कथावाचक विंध्यवासिनी महाराज ने कहा कि भागवत कथा ही कथाओं का मुकुट है। इसी माध्यम से मोक्ष का द्वार खुलता है। इसके श्रवण मात्र से मानव संसारिक बंधनों से मुक्त हो जाता है। वह भगवान का असली भक्त कहलाने योग्य हो जाता है। बशर्ते उनमें भाव भक्ति के साथ भगवान के प्रति समर्पण हो। उक्त बातें उन्होंने बुधवार को मुंगराबादशाहपुर के जंघई रोड पर स्थित छिवलहा गली के मौर्या बस्ती में चल रहे भागवत कथा में प्रवचन के दौरान कथा प्रेमियों के बीच में कहीं।श्री संत ने भागवत कथा के महत्व को भावपूर्ण भजनों के माध्यम से प्रस्तुत किया। कहा कि इसमें ज्ञान का भंडार है। यह मानव जीवन में फैली अंधकार को दूर कर प्रकाश की ओर ले जाता है। यह कथा पाप और पुण्य से मिलने वाले फल के बारे में जानकारी देने में अचूक मंत्र है...
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