मैनपुरी, मई 29 -- नगर के जटपुरा चौराहा स्थित रामजानकी मंदिर पर भागवत कथा का शुभारंभ कलश यात्रा के साथ हो गया। गुरुवार को वृंदावन के कथावाचक सतेंद्र मोहन शास्त्री ने कहा कि भागवत कथा का श्रवण करने से कलियुग में लोगों को मृत्यु को जानने की क्रिया मालूम होती है। उसके मन से मृत्यु का भय मिट जाता है। जिस प्रकार परीक्षित ने भागवत कथा का श्रवण कर अभय प्राप्त किया उसी प्रकार भागवत जीव को अभय बना देता है। कथावाचक ने कहा कि भागवत कथा परमात्मा का अक्षर स्वरूप है। यह परम हंसों की संहिता है। भागवत कथा हृदय को जागृत कर मुक्ति का मार्ग दिखाता है। अधिक मास में इसके श्रवण का महत्व है। भागवत कथा भगवान के प्रति अनुराग उत्पन्न करती है। यह ग्रंथ वेद, उपनिषद का सार रूपी फल है। इस मौके पर रघुनंदन दास त्यागी महाराज, प्रवेश यादव गुड्डू, होशियार सिंह यादव, रनवीर स...
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