वाराणसी, अप्रैल 19 -- वाराणसी, वरिष्ठ संवाददाता। षष्ठपीठ गोपाल मंदिर में चल रहे श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ के तीसरे दिन व्यासपीठ से ग्वालियर के पं. सतीश कुमार शर्मा ने नृसिंह अवतार की कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि भागवत कथा के श्रवण मात्र से प्रभु कृपा मिलती है। पं. शर्मा ने कहा कि हिरण्यकश्यप को वरदान प्राप्त था कि उसकी मृत्यु दिन-शाम-रात, जल-थल-वायु में नहीं होगी। तब नृसिंह भगवान ने देहरी पर उसका वध किया। उस समय न रात थी, न दिन या शाम। भक्त प्रह्लाद के चरित्र का वर्णन करते हुए बताया कि जब समस्त देवगण भगवान का विकराल नृसिंह रूप देखकर डर रहे थे। तब ब्रह्माजी ने भक्त प्रह्लाद को भगवान के सम्मुख भेजा। भगवान ने उन्हें गोद में उठा लिया और पूछा हमारे इस स्वरूप को देखकर तुम डरे नहीं। तब भक्त प्रह्लाद ने कहा कि हम आपके चरणारविंद देख रहे थे। षष्ठपीठ यु...
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