बागपत, फरवरी 12 -- खेकड़ा। बड़ागांव में आयोजित भागवत कथा में श्रीकृष्ण के जन्म के बाद पिता वासुदेव का उनको लेकर यमुना पार करने का वृतांत सुनाया गया। बारिश हुई तो स्वयं शेषनाग ने छाया दी। कथा सुन श्रोता भावविभोर हो गए। बडागांव के प्राचीन शिव मंदिर में कथा सुनाते हुए शिवानंद महाराज ने कहा कि श्रीकृष्ण का जन्म न केवल बुराई के अंत का प्रतीक रहा बल्कि यह प्रेम, आस्था और भगवान के भक्तों की रक्षा करने का एक पावन संदेश भी रहा।

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