बागपत, मई 17 -- बिजवाड़ा गांव के शिव मंदिर में स्थित धर्मशाला में चल रही श्रीमद भागवत कथा में शुक्रवार को कथा व्यास पंडित कपिल देव महाराज ने कृष्ण रुक्मणि के विवाह का वर्णन किया। कथा में विवाह रुक्मणि विवाह की आकर्षक झांकी भी प्रस्तुत किया। कथा व्यास ने बताया भगवान श्री कृष्ण का प्रथम विवाह विदर्भ देश के राजा की पुत्री रुक्मणि से हुआ। रुक्मणि स्वयं साक्षात लक्ष्मी हैं, और वह नारायण से दूर नही रह सकती। उन्होंने बताया रुक्मणि ने जब देव ऋषि नारद के मुख से श्री कृष्ण के रूप सौंदर्य एवं गुणों की प्रशंसा सुनी तो वह बहुत प्रभावित हुई, और मन ही मन श्रीकृष्ण से विवाह करने का निश्चय किया। रुक्मणि का बड़ा भाई रुक्मी श्रीकृष्ण से शत्रुता रखता था और वह अपनी बहन का विवाह शिशुपाल से कराना चाहता था। इसलिए श्री कृष्ण ने रुक्मणि का हरण कर विवाह किया। कथा में...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.